भोपाल एम्स के डॉ. सुखेस मुखर्जी ने कैंसर के इलाज के लिए नई नैनो तकनीक खोजी है। जानें कैसे लाल रोशनी और नैनोकणों के जरिए बिना साइड इफेक्ट के खत्म होगा ट्यूमर।
AIIMS भोपाल अब एलोपैथी और होम्योपैथी के संगम (Integrated Medicine) से सिकल सेल, किडनी स्टोन और डायबिटिक फुट जैसी बीमारियों का स्थायी इलाज खोज रहा है। जानें एम्स की इस नई शोध पहल के बारे में।
भोपाल के AIIMS और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। पुलिस और बम स्क्वाड ने किया सर्च ऑपरेशन। जानें क्या है पूरा मामला और साइबर सेल की जांच।
एम्स भोपाल में दो दिवसीय 'फॉरेंसिक अपडेट–VIII' कार्यशाला में देशभर के 70 से अधिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। यहां जले, दफन या सड़ चुके शवों में भी मृत्यु का सटीक समय जानने के लिए फॉरेंसिक एंटोमोलॉजी और जीनोमिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों पर प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया गया।
एम्स भोपाल में 37 वर्षीय ब्रेन डेड युवक के अंगदान ने पाँच लोगों को नया जीवन दिया। यह एम्स का तीसरा हार्ट ट्रांसप्लांट था। जानें कैसे ग्रीन कॉरिडोर और ओटी में पोस्टमार्टम से यह सफल प्रत्यारोपण संभव हुआ।
एम्स भोपाल ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग फॉर इनोवेशन (WURI) 2025 में विजनरी लीडरशिप श्रेणी में वैश्विक स्तर पर 34वां स्थान प्राप्त किया। जानें कैसे संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा और नवाचार में अपनी पहचान बनाई।
भोपाल एम्स में कैंसर की दवाओं की खरीद में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है. सांसद आलोक शर्मा की शिकायत पर दिल्ली से आई टीम ने जांच शुरू की है. आरोप है कि जेमसिटेबिन इंजेक्शन दिल्ली एम्स से कई गुना ज़्यादा दाम पर खरीदा गया, और दवा खरीद नियमों (GFR 2017) का उल्लंघन किया गया. अमृत फार्मेसी से सीधी खरीद और अन्य भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए हैं.



















